Rama Ekadashi 2022 : जानें मुहूर्त, पूजा विधि, पारण समय और महत्व रमा एकादशी व्रत की

Rama Ekadashi 2022

Rama Ekadashi 2022 Puja Vidhi: आज कार्तिक माह की रमा एकादशी है. यह व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखते हैं. रमा एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करते हैं और व्रत कथा सुनते हैं. इस व्रत के पुण्य फल से व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं और वह अंत समय में विष्णु कृपा से उनके धाम में स्थान प्राप्त करता है. जो लोग इस व्रत को नहीं कर पाते हैं, उनको रमा एकादशी व्रत कथा को सुनना या पढ़ना चाहिए. इससे भी उन्हें पुण्य प्राप्त होगा और वे पाप रहित होकर मृत्यु के बाद श्रीहरि के शरण में स्थान प्राप्त करेंगे.

रमा एकादशी व्रत के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और पारण समय के बारे में.

रमा एकादशी 2022 मुहूर्त

Watch YouTube Video & Subscribe Now

कार्तिक कृष्ण एकादशी तिथि का शुभारंभ: 20 अक्टूबर, गुरुवार, शाम 04:04 बजे से

कार्तिक कृष्ण एकादशी तिथि का समापन: आज, शुक्रवार, शाम 05:22 बजे पर

शुक्ल योग: आज सुबह से लेकर शाम 05:48 बजे तक

ब्रह्म योग: आज शाम 05:48 बजे से अगले दिन तक

रमा एकादशी पूजा मुहूर्त: आज प्रात: 07:50 बजे से सुबह 09:15 बजे तक, फिर 09:15 बजे से सुबह 10:40 बजे तक.

रमा एकादशी 2022 पारण समय
रमा एकादशी व्रत के पारण का समय कल 22 अक्टूबर शनिवार को सुबह 06:26 बजे से लेकर सुबह 08:42 बजे तक है. इस दौरान आप पारण कर सकते हैं.

रमा एकादशी 2022 पूजा मंत्र
ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम:

रमा एकादशी व्रत और पूजा विधि
1. आज प्रात: स्नान के बाद रमा एकादशी व्रत और विष्णु पूजा का संकल्प लें. उसके बाद शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा करें.

2. शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें. उसके बाद उनका पंचामृत से स्नान कराएं. फिर उनको वस्त्र, चंदन, पीले फूल, माला, तुलसी के पत्ते, पंचामृत, अक्षत्, पान का पत्ता, सुपारी, धूप, हल्दी, दीप, गंध आदि अर्पित करें.
3. उसके पश्चात विष्णु चालीसा, विष्णु सहस्रनाम, रमा एकादशी व्रत कथा आदि का पाठ करें. फिर घी के दीपक से भगवान विष्णु की आरती करें.

4. दिनभर फलाहार पर रहें और भक्ति भजन में समय व्यतीत करें. शाम को संध्या आरती करें. रात्रि के समय में जागरण करें.

5. अगले दिन सुबह स्नान और पूजन के बाद किसी गरीब ब्राह्मण को दान और दक्षिणा दें. उसे भोजन कराएं. फिर आप भी स्वयं पारण करके व्रत को पूरा करें.

6. भगवान विष्णु को ध्यान करके अपने पापों को दूर करने और मोक्ष प्रदान करने की प्रार्थना करें. उनकी कृपा से आपका जीवन सुखमय होगा.

Leave a Comment

error: Content Copy is protected !!
युवाओ में क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज देखने का जोश, देखना न भूले 10 वेब सीरीज Belly Fat कम करने के लिए सुबह नाश्ते में खाई जा सकती हैं ये चीजे विश्व रक्तदाता दिवस 2023 महत्व शायरी (वर्ल्ड ब्लड डोनर डे) | World blood donor day theme, quotes in hindi CSK won the title for the 5th time in the IPL 2023 final Tata Tiago EV Review: किफायती इलेक्ट्रिक कार मचाएगी तहलका!