टामटिया में माताजी के जयकारों के साथ अंबे माताजी प्रतिमा की प्रतिष्ठा और शिखर स्थापना हुई

नारियल हवन के साथ समारोह की पूर्णाहुति हुई, महाआरती के बाद महाप्रसाद हुआ

सागवाड़ा। टामटिया में नवनिर्मित मंदिर में श्री अंबे माताजी की प्रतिमा की स्थापना और मंदिर पर स्वर्णकलश की स्थापना व नारियल हवन के साथ चार दिवसीय प्रतिष्ठा समारोह की पूर्णाहुति हुई।

सुबह में प्रतिष्ठाचार्य हिमांशु पंड्या के नेतृत्व में ब्राह्मणों के निर्देशन में यजमान परिवारों आवाहित व स्थापित देवी देवताओं का पूजन, शांतिक पौष्ठिक हवन आदि आवश्यक धार्मिक विधान हुए। इसके बाद मूर्ति प्रतिष्ठा, ध्वजवाहक, धर्म पताका और स्वर्ण शिखर प्रतिष्ठा की प्रतिष्ठा हुई। इससे पहले ब्राह्मणों ने श्री दुर्गासप्तशती के पाठ, रुद्राभिषेक व विष्णु सहस्त्र नाम के पाठ किए।

मुख्य प्रधान कुंड के यजमान मेंगजी नगजी सासियोत, प्रथम कुंड सहित अन्य कुंडों के यजमान शैलेश अरविंद शर्मा, बदामीलाल गटूलाल कोयलात, सुरेश नानालाल पण्डया, गजेंद्र (गौतम) हकरजी पगारिया, भाणजी धुलजी कोयलात, गटुलाल हकरजी कोयलात, स्व.मोतीदेवी एवं माधव प्रसाद पण्डया की स्मृति में दामोदर एवं रमेश पण्डया, भूरालाल गौतम मोरिया, जगजी कुबेर कोयलात, राजेन्द्र नाथूलाल पगारिया, रवि राजेन्द्र सुथार, गजेन्द्र किशनपुरी गोस्वामी, आशीष देवेन्द्र शर्मा, बालकृष्ण (भाणजी) नगजी पाटीदार, शास्त्री हेमेंद्रकुमार मुरलीधर पण्डया, मेंगजी रामजी कोयलात, देवीलाल जीवा भमोत, कमलेश (प्रभुलाल) हकरजी भमोत, बड़ा कलश यजमान सरस्वती महेश चंद्र सुथार और बस स्टेशन शिव मंदिर परिसर में श्री राधाकृष्ण कुंड यजमान जीवण गौतम कोयलात व मां छोटी अंबाजी कुंड यजमान यतिन कांतिलाल जोशी समेत यजमानों ने शतचंडी व विष्णु यज्ञ में आहुतियां समर्पित की। मूर्तियों के न्यास व मंडप की प्रदक्षणा आदि धार्मिक विधान किए।

इन्होंने लिया धर्मलाभ

मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में मंदिर के मुख्य शिखर की स्थापना का लाभ पाटीदार समाज के युवाओं ने लिया। वहीं मध्य भाग शिखर सुथार समाज नवयुवक मंडल टामटिया, अग्र भाग शिखर निमेष पुत्र गौतम पाटीदार व विनोद पुत्र भाणजी, ध्वज दंड व ध्वज पताका सुमित पुत्र स्व रमेशचंद्र सुथार, राधाकृष्ण मूर्ति शिवमन्दिर भाणजी, छोटी अम्बाजी शिवमन्दिर दिलीप पुत्र भाणजी सांसियोत,

अंबाजी माताजी प्रधान मूर्ति पाटीदार बंधु टामटिया, गणेश मूर्ति मेंगजी व गौतम पुत्र स्व पेमजी पाटीदार, भैरवजी मूर्ति रामलाल पुत्र मेंगजी मोरिया, माताजी वाहन शेर मूर्ति सोनी परिवार, द्वार गणेश मूर्ति मयंक प्रवीण जोशी, माताजी शिखर शिवमन्दिर स्व वसंतीदेवी व सदाशिव जोशी की स्मृति में रोशन व जगदीश जोशी, राधाकृष्ण शिखर शिवमन्दिर रतनलाल पुत्र स्व नारायण पंड्या, ईशान ध्वज हनुमानजी तेजप्रकाश पुत्र स्व कमलजी सुथार और माताजी मंदिर पर आग्नेय कोण ध्वज स्थापना का लाभ भरत पुत्र कचरा प्रजापत ने लिया।

भामाशाह व विशिष्टजनों का मंदिर परिसर में 22 को करेंगे सम्मान: समारोह के दौरान मंदिर के निर्माण से लेकर प्रतिष्ठा तक मुख्य भूमिका में गांव का प्रतिनिधित्व करने वाले समाजसेवी महेशचन्द्र सुथार का गांव की तरफ से शॉल व पगड़ी से बहुमान किया।प्रतिष्ठा समिति के पर्यकर्ताओं ने बताया कि पूरे आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ता, भामाशाह व प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले विशिष्टजनों का अंबाजी मंदिर परिसर में 22 जनवरी को श्रीरामोत्सव व गरबा कार्यक्रम में सम्मान किया जाएगा।

Leave a Comment

error: Content Copy is protected !!
Belly Fat कम करने के लिए सुबह नाश्ते में खाई जा सकती हैं ये चीजे विश्व रक्तदाता दिवस 2023 महत्व शायरी (वर्ल्ड ब्लड डोनर डे) | World blood donor day theme, quotes in hindi CSK won the title for the 5th time in the IPL 2023 final Tata Tiago EV Review: किफायती इलेक्ट्रिक कार मचाएगी तहलका!