जन संघर्ष यात्रा की समापन सभा में पायलट खेमे की ओर से अपनी ही कांग्रेस पार्टी की गहलोत सरकार को अल्टीमेटम दिया गया। मंच से आह्वान किया गया कि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो प्रदेश भर में आंदोलन और तेज़ होगा।
जयपुर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और उनके समर्थक नेताओं ने एक बार फिर अपनी ही कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर आंदोलन छेड़ने का ऐलान कर दिया। जन संघर्ष यात्रा के जयपुर में हुए समापन सभा के दौरान पायलट ने जोशीला भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मैं किसी पद पर रहूँ या ना रहूँ, मैं राजस्थान की जनता और नौजवानों की सेवा आखिरी सांस तक करता रहूँगा। डरने और दबने वाला नहीं हूँ। प्रदेशवासियों के लिए लड़ा हूँ और आगे भी लड़ता रहूँगा।पायलट ने आगे कहा कि हम लोगों ने मेहनत करने में और खून-पसीना बहाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। पदयात्रा में मेरे साथ जो हज़ारों लोग चले हैं उनकी उम्मीदों को कभी बीच मझधार में नहीं छोडूंगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ और नौजवानों के समर्थन में संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
तीन मांगें, 15 दिन का अल्टीमेटम
जन संघर्ष यात्रा की समापन सभा में पायलट खेमे की ओर से तीन मांगे उठाते हुए अपनी ही कांग्रेस पार्टी की गहलोत सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया। मंच से आह्वान किया गया कि 15 दिन में मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो प्रदेश भर में आंदोलन और तेज़ होगा। तीन मांगों में आरपीएससी को भंग कर पुनर्गठन करने, पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के दौरान कथित भ्रष्टाचार मामले पर कार्रवाई करने और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग रखी गई है।
सबसे भ्रष्ट सरकार हमारी, अलाइनमेंट बिगड़ा हुआ: मंत्री राजेंद्र गुढ़ा
पायलट से पहले उनके समर्थन में कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी ही सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गहलोत सरकार में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार के खुलकर आरोप लगाए। गुढ़ा ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। यहां की सरकार कर्नाटक की सरकार के 40 परसेंट भ्रष्टाचार की सीमा को भी लांघ रही है। हमारा अलाइनमेंट खराब है, पायलट साहब ठीक करो। धारीवाल का अलाइनमेंट खराब है, उसे ठीक करो।
पूरा हुआ 125 किलोमीटर का सफर
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ‘जन संघर्ष यात्रा’ आज जयपुर में संपन्न हो गई। यात्रा के दौरान पायलट सहित उनके समर्थकों ने अजमेर से जयपुर के बीच 5 दिन की पदयात्रा के 125 किलोमीटर का फासला तय किया। गौरतलब है कि इस पदयात्रा के ज़रिए पायलट अपनी ही कांग्रेस सरकार से कुछ मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। इनमें सरकारी भर्तियों में धांधली-अनियमितता की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ ही पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के दौरान कथित भ्रष्टाचार मामलों की जांच की भी मांग की जा रही है।
महापुरा से शुरू, जयपुर में संपन्न
पायलट की अगुवाई में जन संघर्ष पदयात्रा आज पांचवें और आखिरी दिन महापुरा से शुरू हुई। बीते चार दिनों की तरह आज भी उनके साथ बड़ी संख्या में युवाओं और समर्थकों की मौजूदगी रही। पदयात्रा आज अजमेर रोड के जयपुर के कमला नेहरू नगर पुलिया के नज़दीक तरुछाया रेज़ीडेंसी में संपन्न हुई। यहां एक समापन सभा रखी गई।
फिर दिखा ‘शक्ति प्रदर्शन’!
जन संघर्ष पदयात्रा के जयपुर में समापन सभा के दौरान एक बार फिर से सचिन पायलट का ‘शक्ति प्रदर्शन’ देखने को मिला। यहां हज़ारों की तादाद में पायलट समर्थक और आमजन मौजूद रहे। इससे पहले पायलट ने भी एक वीडियो सन्देश जारी करते हुए जयपुर की सभा में शामिल होने की अपील की थी। वहीं उनके समर्थकों ने भी मीडिया पोस्ट के ज़रिए पदयात्रा के समापन में ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की।
मांगे मनवाने तक कोई समझौता नहीं: पायलट
जन संघर्ष पदयात्रा के दौरान सचिन पायलट के तेवर चरम पर हैं। उन्होंने एक ताज़ा बयान में कहा कि जब तक वसुंधरा राजे कार्यकाल के भ्रष्टाचार व पेपर लीक मामले का समाधान नहीं हो जाता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सीएम अशोक गहलोत का नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए कहा कि अनुशासन की बात उन लोगों को नहीं करनी चाहिए जो 25 सितंबर की घटना में शामिल थे और दबाव में विधायकों से इस्तीफे लिए गए थे। ये बात उन्होंने सीएम गहलोत के हाल ही में पार्टी के प्रति लॉयल होने की बात के जवाब में पलटवार करते हुए कही।